नई दिल्ली | संसद रिपोर्ट
लोकसभा सदन में मंगलवार को केंद्र सरकार ने “सबका बीमा, सबकी सुरक्षा (बीमा कानून संशोधन) विधेयक 2025” पेश किया। इस महत्वपूर्ण विधेयक को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन में प्रस्तुत किया। विधेयक के पेश होते ही विपक्षी दलों के सांसदों ने विरोध दर्ज कराया, हालांकि सत्ता पक्ष की ओर से इसे देश के बीमा क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार बताया गया।
सांसद दर्शन सिंह चौधरी का मजबूत पक्ष
होशंगाबाद-नरसिंहपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने विधेयक के समर्थन में सदन में प्रभावशाली भाषण दिया। उन्होंने कहा कि—
“आज यह सदन केवल एक विधेयक पर चर्चा नहीं कर रहा, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों की सुरक्षा का ऐतिहासिक निर्णय ले रहा है।”
उन्होंने भगवद गीता के ‘योगक्षेमं वहाम्यहम्’ श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि आज़ादी के 75 वर्ष बाद भी देश में एक बड़ा वर्ग ऐसा है जो बीमा सुरक्षा से वंचित है।
बीमा से वंचित वर्ग की पीड़ा का उल्लेख
सांसद दर्शन सिंह ने कहा कि—
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आज भी गरीब बीमारी से डरता है
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दुर्घटना में पूरा परिवार टूट जाता है
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मृत्यु के बाद परिवार असहाय हो जाता है
उन्होंने कहा कि यह विधेयक उसी असमानता को समाप्त करने का प्रयास है।
“बीमा हर नागरिक का अधिकार”
दर्शन सिंह चौधरी ने केंद्र सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए कहा—
“अब तक बीमा कागजों में उलझा रहा और आम आदमी से दूर रहा। हमारी सरकार मानती है कि बीमा हर व्यक्ति का अधिकार है।”
उन्होंने इस विधेयक को समावेशी, पारदर्शी और जनहितकारी बताते हुए कहा कि इससे—
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आम नागरिक
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किसान
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श्रमिक
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युवा वर्ग
को आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री को आभार
सांसद ने इस जनकल्याणकारी विधेयक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा—
“यह विधेयक केवल एक नारा नहीं, बल्कि ठोस नीति है।”
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बयान
विधेयक पर उठी आपत्तियों पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि—
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कोई भी आपत्ति विधायी क्षमता से जुड़ी नहीं है
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अन्य विषयों पर सदन में चर्चा के दौरान उत्तर दिया जाएगा
उन्होंने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल बीमा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आम आदमी के समावेशन पर लगातार काम किया है।












