एफआईआर न होने से नाराज युवक का आत्मघाती कदम, कलेक्ट्रेट में मचा हड़कंप
नटेरन थाना प्रभारी पर लगाए गंभीर आरोप
विदिशा ब्यूरो | नीरज शर्मा
विदिशा।
विदिशा जिले के नटेरन थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ जनसुनवाई के दौरान एक फरियादी ने जहरीला पदार्थ खा लिया। इस घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आवेदन देने के बाद उठाया आत्मघाती कदम
जानकारी के अनुसार, नटेरन थाना क्षेत्र के ऊपर गांव निवासी अतुल पंथी अपनी मां और भाई के साथ जनसुनवाई में आवेदन देने पहुँचे थे। आवेदन देने के कुछ देर बाद ही अतुल पंथी ने जनसुनवाई स्थल के बाहर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया।
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद डॉ. राजेंद्र कुशवाहा और डॉ. पीसी मांझी ने तत्काल युवक की जांच की। इसके बाद उसे एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल भेजा गया, जहाँ उसका इलाज जारी है।
एफआईआर नहीं लिखने का आरोप
पीड़ित अतुल पंथी का आरोप है कि वह कई बार नटेरन थाने में शिकायत लेकर गया, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उसने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी द्वारा गाली-गलौज कर भगा दिया जाता था।
अतुल ने कहा कि—
“गांव में जमीन विवाद को लेकर हमें लगातार डराया जा रहा है। जब पुलिस और प्रशासन से मदद नहीं मिली तो मजबूरी में यह कदम उठाया।”
थाना प्रभारी ने आरोपों से किया इनकार
पूरे मामले को लेकर नटेरन थाना प्रभारी (टीआई) ने बताया कि अतुल पंथी सोमवार को शिकायत लेकर थाने आए थे और एफआईआर की प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन फरियादी स्वयं थाने से चले गए। उन्होंने गाली-गलौज के आरोपों को सिरे से खारिज किया।
टीआई ने यह भी बताया कि गांव में दो पक्षों के बीच जमीन विवाद चल रहा है और दूसरे पक्ष पर पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई: एसडीओपी
वहीं इस मामले पर एसडीओपी गंजबासौदा शिखा भल्लवी ने कहा कि—
“गांव में दो पक्षों के बीच जमीन को लेकर विवाद है। थाना प्रभारी पर लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।”












